Spread the love*टप्पल के आजीविका मॉडलों से प्रभावित हुआ नाइजीरिया का प्रतिनिधिमंडल* *नाइजीरिया के प्रतिनिधिमंडल ने सराहा टप्पल का आजीविका मॉडल, प्रदेश के लिए गौरव की बात* *श्री मौर्य के प्रयासों से स्वयं सहायता समूहों ने बदली गांव की तस्वीर* अलीगढ़ के आजीविका मॉडल बने विश्व मिसाल *डबल इंजन सरकार महिलाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध* *उप मुख्यमंत्री, श्री केशव प्रसाद मौर्य जी* लखनऊ, 9 जुलाई, 2026, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर), नई दिल्ली शाखा द्वारा आयोजित “समावेशी एवं सतत अनुकूलनशील सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों” विषयक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को नाइजीरिया का 28 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जनपद अलीगढ़ के विकास खंड टप्पल एवं जट्टारी पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में नाइजीरिया के कम्युनिटी एक्शन फॉर रेजिलिएंस एंड इकोनॉमिक स्टिमुलस (CARES) कार्यक्रम के कार्यान्वयनकर्ता एवं विभिन्न हितधारक शामिल थे। यह अध्ययन भ्रमण छह से 14 जुलाई, 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को भारत में ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा एवं आजीविका संवर्धन के सफल मॉडलों से परिचित कराना है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नाइजीरिया के मानवीय कार्य एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री डॉ. बर्नार्ड एम. डोरो ने किया। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका इकाइयों का गहन अवलोकन किया तथा उनके कार्यों, उत्पादों की गुणवत्ता, प्रबंधन क्षमता एवं महिला नेतृत्व आधारित उद्यमिता की मुक्त कंठ से सराहना की। *उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी* ने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वास्तविक शक्ति और रीढ़ बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि टप्पल एवं जट्टारी में महिलाओं द्वारा संचालित उद्यम यह सिद्ध करते हैं कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं तो गांव आत्मनिर्भर बनते हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। श्री मौर्य ने कहा कि नाइजीरिया जैसे मित्र राष्ट्र के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा उत्तर प्रदेश के महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण आजीविका मॉडल की सराहना किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार एवं उद्यमिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को आत्मनिर्भर बनाना तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ जीवन ज्योति समग्र चेतना मंच द्वारा स्वागत एवं संवाद सत्र के साथ हुआ। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों, मिशन की कार्यप्रणाली तथा समूह आधारित आजीविका मॉडलों पर आधारित “आजीविका उन्नयन मार्ग” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुतीकरण में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, सामुदायिक सहभागिता तथा रोजगार सृजन की विभिन्न सफल पहलों की जानकारी साझा की गई। इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र भ्रमण करते हुए टप्पल समृद्धि महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड द्वारा संचालित जैव उर्वरक इकाई, तिलहन प्रसंस्करण इकाई एवं दुग्ध उत्पादन प्रसंस्करण इकाई का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त समूहों द्वारा संचालित बैग निर्माण इकाई, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र, जट्टारी, उन्नति कृषि प्रसंस्करण इकाई तथा ग्रामीण स्वावलंबन केंद्र का भी भ्रमण किया गया। महिलाओं द्वारा संचालित इन उद्यमों की कार्यप्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन क्षमता तथा विपणन व्यवस्था को देखकर प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रुचि व्यक्त की। प्रतिनिधियों ने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, सामुदायिक नेतृत्व एवं रोजगार सृजन के इन अभिनव प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विश्व के अनेक देशों में इस प्रकार का संगठित एवं संस्थागत मॉडल देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि भारत का यह मॉडल नाइजीरिया सहित अन्य विकासशील देशों के लिए अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है। ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, आयवृद्धि तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने का यह प्रयास सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी उदाहरण है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम प्रदेश की ग्रामीण विकास योजनाओं को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का उत्साह भी बढ़ाते हैं। संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणा नंद ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधियों को भारत में विकसित समावेशी एवं अनुकूलनशील सामाजिक सुरक्षा प्रणाली, आजीविका संवर्धन एवं रोजगार सृजन के सफल मॉडलों से अवगत कराना है। नाइजीरिया की सुप्रीम मैनेजमेंट ट्रेनिंग एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज की उप मुख्य परामर्शदाता एवं मुख्य परिचालन अधिकारी ओलुवातोयिन ओलोमो ने कहा कि भारत आगमन से लेकर अब तक उन्हें प्रत्येक स्थान पर आत्मीय स्वागत एवं उत्कृष्ट सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत में ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में जो व्यापक एवं प्रभावी कार्य हुआ है, वह अत्यंत प्रेरणादायी है और ऐसा परिणाम केवल दूरदर्शी एवं कुशल नेतृत्व में ही संभव है। मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने स्वयं सहायता समूहों के पंचसूत्र, मिशन के समक्ष आने वाली चुनौतियों, उनके समाधान, विभिन्न पदाधिकारियों की भूमिकाओं एवं उत्तरदायित्वों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में टप्पल को राष्ट्रीय स्तर पर चयनित किए जाने के बाद यह क्षेत्र स्वयं सहायता समूहों एवं आजीविका संवर्धन के सफल मॉडलों के अध्ययन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। कार्यक्रम में उपायुक्त (स्वरोजगार) मंजू त्रिवेदी, खंड विकास अधिकारी विजय कुमार तिवारी, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, दिल्ली की प्रोफेसर एवं केंद्राध्यक्ष डॉ. रुचिरा भट्टाचार्य, शोध एवं प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सुरेश प्रसाद, मिशन कार्यालय से डॉ. नंदकिशोर साह, जिला मिशन प्रबंधक वसीम अहमद, समीर शर्मा, सनी शर्मा, जितेंद्र सिंह, मोहम्मद असलम सहित जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी, मिशन के नोडल अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं। जिला सूचना अधिकारी संदीप कुमार भी प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों के साथ मौजूद रहे। ग्राम प्रधान नीलम चौहान एवं संकुल स्तरीय संघ अध्यक्ष ललितेश ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के अतिरिक्त ग्रामीणों एवं बच्चों से भी आत्मीय संवाद किया तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी योजनाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें विकासशील देशों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया। Post Views: 41 Post navigation अवारा पशुओं का आतंक जोरो पर आईफोन से महंगा बीएसएनल ने लॉन्च किया फोन बिना नेटवर्क के होगी बात