Spread the loveभरवारी में अंडरपास ब्रिज की टेंडर प्रक्रिया जारी जल्द होगा निर्माण *जर्जर फुट ओवरब्रिज के स्थान पर होगा जल्द नवनिर्माण,* *डीआरएम ने भरवारी रेलवे स्टेशन का किया निरीक्षण* *भरवारी कौशाम्बी।* भरवारी रेलवे स्टेशन का बुधवार को डीआरएम रजनीश अग्रवाल निरीक्षण करने पहुंचे डीआरएम रेलवे प्रयागराज रजनीश अग्रवाल ने स्टेशन परिसर में हो रहे निर्माण की प्रगति देखी एवं यात्रियों की सुविधाओं के संबंध में अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के पूरे किए जाने के संबंध में संबंधित को निर्देश दिए।भरवारी रेलवे क्रासिंग पर जाम के चलते होने वाली समस्या के निदान के लिए रेलवे अंडरपास ब्रिज के निर्माण और टेंडर के सम्बन्ध में उन्होंने बताया कि अंडरपास ब्रिज निर्माण के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है,अगले साल तक उम्मीद है कि अंडरपास ब्रिज का निर्माण शुरू हो जाएगा।वही रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म को पार करने वाले फुट ओवरब्रिज के जर्जर होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जल्द ही फुट ओवरब्रिज का नया निर्माण कराया जाएगा और पुराने को ध्वस्त कराया जाएगा,वही भरवारी रेलवे स्टेशन पर अन्य यात्री गाड़ियों के स्टॉपेज के सवाल पर उन्होंने कहा कि पत्र भिजवाइए उसके बाद देखा जाएगा कि कौन सी ट्रेन का स्टॉपेज यहां पर दिया जा सकता है।आपको बता दे कि भरवारी रेलवे क्रॉसिंग पर आरयूबी आरओबी निर्माण की मांग में नगर के लोगों की भूमिका अत्यंत सक्रिय रही है। भरवारी रेलवे क्रॉसिंग पर वर्षों से लगने वाले जाम की समस्या के समाधान के लिए नगर के लोग लगातार प्रयास करते रहे इसके बाद 18 नवंबर 2025 को प्रयागराज मंडल के एडीआरएम ने प्रस्तावित निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात समस्याओं,सुरक्षा संबंधी चुनौतियों तथा स्थानीय नागरिकों की मांगों को विस्तार से अधिकारियों के समक्ष रखा था। उन्होंने निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग भी की थी।इसके क्रम में 03 दिसंबर 2025 को उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के डीआरएम रजनीश अग्रवाल, एडीआरएम नवीन प्रकाश जीएम नरेशपाल एवं इंजीनियरिंग टीम ने भरवारी रेलवे क्रॉसिंग का विस्तृत निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं,यातायात व्यवस्था एवं स्थानीय आवश्यकताओं का मूल्यांकन भी किया गया था। *सुबोध केशरवानी Post Views: 51 Post navigation तेज धूल भरी आंधी और बूंदाबांदी से मिली राहत खनन विभाग की मिलीभगत से हो रहा बालू भंडारण अधिकारी बने मूकदर्शक