Spread the loveसुकवा पंचायत में खंभों की ट्यूब लाइट के नाम पर लाखों का खेल ग्रामीणों का आरोप – पांच साल पहले लगी लाइटों पर फिर खर्च की गई राशि, नई लाइटें भी सप्ताहभर में खराब होने का दावा रिपोर्टर: सुरेंद्र पटेरिया | छतरपुर छतरपुर। जनपद पंचायत छतरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सुकवा में खंभों पर ट्यूब लाइट लगाने के नाम पर हुए कथित लाखों रूपये के भुगतान को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने पंचायत के जिम्मेदारों पर सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पांच साल पहले लग चुकी थीं लाइटें ग्रामीणों के अनुसार गांव के कई खंभों पर ट्यूब लाइटें करीब पांच वर्ष पहले ही लगाई जा चुकी थीं, इसके बावजूद उन्हीं स्थानों पर दोबारा लाइट लगाने के नाम पर पंचायत द्वारा भुगतान किए जाने का आरोप है। यदि पुराने खंभों पर पहले से लाइटें मौजूद थीं तो फिर नई लाइटों की आवश्यकता क्यों पड़ी और उनके नाम पर कितनी राशि खर्च की गई – यह जांच का अहम विषय बन गया है। नई लाइटें लगीं तो सप्ताहभर में खराब होने का आरोप ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पंचायत द्वारा यदि कुछ स्थानों पर नई ट्यूब लाइटें लगवाई गई हैं, तो उनकी गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि कई नई लाइटें लगने के महज एक सप्ताह के भीतर ही खराब हो गईं हैं। ऐसे में खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता, दर और भुगतान प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। रिकॉर्ड और मौके की जांच से सामने आ सकता है सच मामले में पंचायत के भुगतान रिकॉर्ड, बिल-वाउचर, सामग्री खरीदी के दस्तावेज, कितनी लाइटें खरीदी गईं, किन स्थानों पर लगाई गई और पूर्व में वहां लाइटें लगी थीं या नहीं – इन सभी बिंदुओं का सत्यापन जरूरी है। साथ ही मौके पर भौतिक निरीक्षण कराया जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग ग्रामीणों ने छतरपुर कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जांच में यदि पुराने कार्य के नाम पर दोबारा भुगतान या शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार सरपंच, सचिव सहित संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। Post Views: 33 Post navigation 26 साल बाद फिर पहनी CRPF की वर्दी, संत बन चुके गिरवर सिंह की अनोखी वापसी स्कूली छात्रों को छुट्टी की आवश्यकता