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मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के तिरोड़ी गांव में रहने वाले 14 साल के कनक वांग और उनके आठ साल के भाई प्रणीत कभी चीन नहीं गुए हैं। फिर भी, भारत में जन्मे इन भाई-बहनों का कहना है कि उन्हें जाति प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया गया क्योंकि उनके पिता का परिवार चीन से जुड़ा है।

दरअसल, दोनों बच्चे के दादा वांग ची 86 साल के हैं। वह 1962 की लड़ाई के दौरान पकड़े गए चीनी सैनिक थे। भारतीय जेलों से रिहा होने के बाद कभी अपने देश वापस नहीं गए और आखिरकार मध्य प्रदेश में बस है। वहीं, दोनों भाई-बहनों के पिता विष्णु वांग ने आरोप लगाया है कि राजस्व अधिकारियों ने उनके बच्चों के जाति प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया क्योंकि भारतीय व्यवस्था के तहत चीनी सैनिक वांग ची की कोई मान्यता प्राप्त जाति पहचान नहीं थी। उनके अनुसार अधिकारियों ने कहा कि जाति का निर्धारण केवल पिता के वंश से ही हो सकता है, न कि मां के वंश से, इसके बाद परिवार के पास बच्चों की जाति साबित करने का कोई तरीका नहीं बचा।

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