Spread the loveप्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना :- सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों मे बच्चों को प्रत्येक कार्य दिवस पर एक बार गर्म एवम पौष्टिक भोजन देने की योजना है! पन्ना जिले मे पीएम पोषण मे सामिल कुल स्कूलों की संख्या-1725, जिसमे से दिनाँक 21/09/2029 को जिले के 1072 स्कूलों मे बच्चों को पोषण युक्त भोजन प्राप्त हुआ! मात्र 653 स्कूल ऐसे जिन्होंने रिपोर्ट पोर्टल मे दर्ज नही करवाई या भोजन नही बना! ब्लॉक बार स्कूल दिनाँक 21/09/2026 की स्थिति: अजयगढ़ ( 296 स्कूलों मे से 268 स्कूलों मे बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ ), गुन्नोर् मे (393 स्कूल मे से 123 स्कूलों मे बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ), पन्ना मे361 स्कूल मे से 273 स्कूलों मे बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ), पवई मे 363 स्कूल मे से 118 स्कूलों के बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ), शाहनगर मे 312 स्कूल मे से 290 स्कूलों के बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ) 👉 अजयगढ़ ब्लॉक ग्यारह क्लस्टर मे विभाजित है! 1-govt.HSS एक्स से संबंधित स्कूलों की संख्या 34 है, जिसके सभी अर्थात (34 ) स्कूलों मे बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ! 2-govt.girls.HSS से संबंधित 34 स्कूलों मे से 25 स्कूलों के छात्रों को भोजन प्राप्त हुआ! 3- govt.चादौरा स्कूल से संबंधित स्कूलों की संख्या 20 है जिसके 19 स्कूलों मे बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ! 4-govt.HSS बनहरीकला से संबंधित स्कूलों की संख्या 30 है जिसके 30 स्कूलों के बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ! 5-govt धर्मपुर से संबंधित स्कूलों की संख्या 28 है जिसके 19 स्कूलों के बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ! 6-govt हरदी से संबंधित स्कूलों की संख्या 22 है जिसके सभी स्कूलों के बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ! 7- govt नरदहा से संबंधित स्कूलों की संख्या 19 है जिसके पूरे अर्थात (19) स्कूलों के बच्चों को भोजन मिला! 8-govt. सब्दुआ से संबंधित स्कूलों की संख्या 31 है! जिसमे से मात्र 22 स्कूलों के छात्रों को भोजन प्राप्त हुआ! 9-govt.HSS सिंगपुर से संबंधित स्कूलों की कुल संख्या 23 है जिसके सभी संबंधित स्कूलों के बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ! 10-MS बीरा से संबंधित स्कूलों की कुल संख्या 23 है जिसके सभी संबंधित स्कूलों के बच्चों को भोजन प्राप्त हुआ! “यह समस्त रिपोर्ट पोर्टल मे दर्ज दिनाँक 21/09/2026 की है! जब पन्ना जिला मुख्यालय मे जिले भर की स्वासहायता समूह से संबंधित महिलाओ द्वारा अपनी वेतन वृद्धि को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा था, एवम स्वासहायता समूह की महिलाओ द्वारा काम बंद हड़ताल दिनाँक (15 से 22 की जा रही थी, सूत्रों अनुसार आज दिनाँक तक महिलाये काम मे वापस नही आई) उक्त रिपोर्ट के अवकलन करने पर यह सिद्ध होता है! कि बच्चों को पोर्टल मे खाना मिलता है, भले ही बनाने वाले हो या नही, दूसरा प्रश्न यह है कि आखिर खाना किसने बनाया जब खाना बनाने वाले कार्य बंद कर हड़ताल मे है! तब स्कूल व्यवस्थापक या प्रबंधक का जबाब हो सकता है, कि व्यवस्था के तौर पर अन्य व्यक्ति से खाना बनवाया गया लेकिन अगर ऐसा जबाब मिलता है तो अन्य व्यक्ति से खाना बनवाना कहाँ तक उचित होगा! स्कूलों मे सवाल उठना लाजमी है! Post Views: 74 Post navigation सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में सहभागिता- बृजेन्द् प्रताप सिंह