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पन्ना जिले के पन्ना जनपद अंतर्गत लंपि वायरस अपने पैर लगातार फैला रहा है! पशु चिकित्सा विभाग विगत के उचित समय पर ध्यान न देने का परिणाम है कि मौसमी बिमारियाँ आवारा पाशुओ सहित पालतू पशुओ को शिकार बना रही है! विगत वर्ष नियुक्ति गौ सेवक एवम मैत्री जिनको क्रमश: दो महीने एवम छ: महीने की शासन द्वारा ट्रेनिंग प्रदान कर किट सहित प्रमाण पत्र प्रदान किये गये है! गौ सेवक एवम मैत्री का मैदान मे न आना जाँच का विषय है! अगर गौ सेवक एवम मैत्री मैदान मे होते तो सायद वायरस जिस गति से फैल रहा है वह गति नही होती और समय रहते प्रत्येक गाँव मे लंपि वायरस को नियंत्रित किया जा सकता था! सूत्रो की माने तो गौ सेवको को आधे पैसे देने पड़ते थे डॉक्टरों को इसलिये मैदान छोड़ कर भाग गये! ऐसे अनेक कार्य जो नियम के विरुद्ध थे, करवाने का संबंधित स्टाप द्वारा दवाव भी बनाया जा रहा था! जिसके चलते गौ सेवक और मैत्री ने मैदान छोड़ दिया अब पशु पालक परेशान है! पन्ना जनपद मे एक पशु चित्किसा वाहन कहाँ तक सेवाएं दे सकता है विचार करने योग्य है संबंधित विभाग के अधिकारियों को लेटर लिखकर अतिरिक्त वाहन की मांग करनी चाहिये थी! क्योकि जब स्थानीय पशु चिकित्सक 4 बजे के के बाद एक मिनट भी रुकना पसंद नही करते है मात्र ड्यूटी की खाना पूर्ति और विभिन्न योजनाओ से पैसे ऐठने मे लगे है तो कैसे पशुओं को उचित इलाज और पशु पालक को सुविधाएं मिल पायेगी! जबकि 4 अगस्त के दिन गौ सेवक एवम मैत्री द्वारा भोपाल स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मांग रही गई थी! जल्द ही उक्त मामले से डॉ पी एस पटेल को अवगत कराने का कार्य किया जायेगा ताकि पन्ना पशु चिकित्सा विभाग समय अनुसार टीकाकरण एवम बीमारियों के रोकथाम हेतु सक्रिय रहे! उपयुक्त फोटो 4 अगस्त की गौ सेवको और मैत्री के द्वारा माँग रखने वाली है!

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