Spread the loveनिगोही से एक बड़ी खबर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के कस्बा निगोही क्षेत्र की एक घटना सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि मोहल्ला भगत सिंह नगर में पुराना तालाब नमक एक तालाब है तथा तालाब के किनारे हरा भरा एक पीपल का पेड़ है जो कि हिंदुओं के लिए काफी लंबे समय से आस्था का केंद्र रहा है। जिस पर हिंदू समाज जाकर विवाह के उपरांत गूंथ मुक्त नामक प्रथा की रीति को पूरा करता है। हर शनिवार को दीप जलाए जाते हैं। कुवार के महीने में गौरा गोरी की शादी की रीति भी हिंदू महिलाओं एवं बच्चों द्वारा यहीं पर पूरी की जाती है और उत्सव मनाया जाता है। यह वृक्ष कई दशकों को पुराना है, जिसे ब्रह्मदेव व ब्रह्मबाबा के नाम से जाना जाता है। इस वृक्ष पर हजारों पक्षियों के घोंसले थे। जिसे कुछ विशेष समुदाय के लोगों द्वारा दिन बुधवार दिनांक 17/06/2026 को काट दिया गया। जैसे ही इसकी भनक हिंदू संगठनों को लगी वह तत्काल मौके पर पहुंचे। जिन्हें आता देख अज्ञात पेड़ को काटने वाले लोग भाग गए। उसी समय योगी सेना तथा बजरंग दल भी मौके पर पहुंचे तथा पुलिस को सूचना दी तथा दोषियों के खिलाफ प्रार्थना पत्र देखकर दंडित करने की गुहार भी लगाई। नगर वासियों द्वारा यह भी बताया गया कि इस पेड़ की कटाई के पीछे उक्त स्थान (पीपल के पास) के पड़ोस में रहने वाले घर वालों का हाथ है। इस वृक्ष को बिना किसी के परमिशन के काटा जा रहा था। पेड़ को काटने व करवाने वाले लोग एक विशेष समुदाय के लोग बताए जा रहे हैं। जिससे हिंदू समुदाय एवं संगठनों में आक्रोश देखा पाया गया। उक्त लोगों पर आरोप है कि उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज वर्मा व भावी भाजपा युवा प्रत्याशी राजीव वर्मा, लिपिक दानिश खान तथा कुछ प्रशासनिक अधिकारी, हल्का इंचार्ज एवं वन विभाग अधिकारियों के नाम लिए और कहा कि इन्होंने मुझे इस पेड़ को काटने की सहमति दी है। पेड़ को काटने पर हजार बेजुबान पक्षियों के घर उजड़ गए। जिसका लोगों ने जम कर विरोध किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने इस घटना के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। Post Views: 3 Post navigation ताजनगरी आगरा में बारह विद्यालयों की मान्यता हुई रद्द