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आगरा में ताजमहल से पहले दिखेगा छत्रपति शिवाजी महाराज का शौर्य
*यूपी-महाराष्ट्र सरकारें मिलकर बनाएँगी भव्य स्मारक*

*योगी सरकार के अधिग्रहण का काम अंतिम चरण में*

आगरासे सोनू पंडित की  रिपोर्ट

*कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की पहल पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया सहयोग का भरोसा।*

*शौर्य और स्वाभिमान का नया केंद्र बनेगा आगरा योगेंद्र उपाध्याय*

*ताजमहल से पहले सैलानी देखेंगे शिवा-वैभव*

आगरा/मुंबई। आगरा की पहचान अब सिर्फ मुगलिया इमारतों से नहीं, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य साहस और सनातन शौर्य से भी होगी। आगरा के ऐतिहासिक स्थल ‘मीना बाजार की कोठी’ पर शिवाजी महाराज का एक दिव्य और भव्य स्मारक बनने जा रहा है। इस महापरियोजना को धरातल पर उतारने के लिए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकारें मिलकर काम करेंगी। इस सिलसिले में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री और आगरा दक्षिण से भाजपा विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आवास पर मुलाकात की।
*शोध से सामने आया इतिहास: यहीं दी थी औरंगजेब को मात*

कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने देवेंद्र फडणवीस को सौंपे ऐतिहासिक दस्तावेजों के हवाले से बताया कि इतिहासकार प्रो. सुगम आनंद और प्रख्यात इतिहासकार (दिवंगत) डॉ. अमि आधार निडर के संयुक्त शोध में यह प्रमाणित हो चुका है कि वर्तमान की ‘मीना बाजार की कोठी’ ही जयपुर के महाराजा मिर्जा राजा जयसिंह के पुत्र राम सिंह की वह ऐतिहासिक कोठी है, जहाँ तत्कालीन मुगल शासक औरंगजेब ने छल-कपट से छत्रपति शिवाजी महाराज को बंदी बनाकर रखा था। यह वही पावन भूमि है, जहाँ से शिवाजी महाराज अपनी बुद्धि चातुर्य, कूटनीति और अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए औरंगजेबी सत्ता के कड़े पहरे को धता बताकर सुरक्षित निकल गए थे।
योगी सरकार की अधिग्रहण प्रक्रिया अंतिम दौर में
इस स्मारक को बनवाने के लिए मंत्री योगेंद्र उपाध्याय पिछले 6-7 वर्षों से लगातार जमीनी और शासकीय स्तर पर संघर्ष कर रहे थे। अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा इस ऐतिहासिक कोठी के अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुँचा दी गई है। जमीन का अधिग्रहण पूर्ण होते ही यहाँ स्मारक निर्माण का काम युद्धस्तर पर शुरू हो जाएगा।
*हिंदुस्तानी शौर्य से परिचित होगी दुनिया: फडणवीस ने दिया पूरा साथ*
मुलाकात के दौरान उपाध्याय ने महाराष्ट्र सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा कि दोनों राज्य सरकारें मिलकर इस स्मारक का ऐसा अद्वितीय और भव्य स्वरूप तैयार करें कि दुनिया भर से आगरा आने वाले पर्यटक ताजमहल देखने से पहले छत्रपति शिवाजी महाराज के इस शौर्य स्थल को नमन करने आएँ। यह स्मारक न केवल हमारी आने वाली पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराएगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय वीरता की गाथा भी गाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस दूरदर्शी पहल की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि महाराष्ट्र सरकार इस पुनीत कार्य में उत्तर प्रदेश सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर पूरा सहयोग करेगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान महाराष्ट्र के भाजपा नेता सुनील कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इस भव्य योजना को गति देने के लिए योगेंद्र उपाध्याय ने एक दिन पूर्व महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार से भी विस्तृत चर्चा की थी, जहाँ से उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। जल्द ही दोनों राज्यों के संस्कृति विभागों की एक संयुक्त टीम इस स्मारक की रूपरेखा और डिजाइन तय करने के लिए आगरा का दौरा कर सकती है।

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