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जिला मुख्यालय के 5 किलोमीटर के दायरे की सरकारी जमीनों पर भू माफियाओं का कब्जा

*प्रधान-लेखपाल की मिलीभगत से कीमती सरकारी जमीनों पर प्लॉटिंग करके मालामाल हो रहे हैं भूमाफिया*

*कौशाम्बी।* जनपद मुख्यालय मंझनपुर के 5 किलोमीटर के दायरे में मंझनपुर तहसील और सिराथू तहसील क्षेत्र की कीमती सरकारी जमीनों पर बीते कई वर्षों से भू माफियाओं का कब्जा हो रहा है एक-एक करके सैकड़ो जमीनों पर भू माफियाओं ने कब्जा कर लिया प्लांट बनाकर सरकारी जमीनों को बेचना शुरू कर दिया है तमाम सरकारी जमीनों पर प्लांट बनाकर माफियाओं ने बेच लिया है और तमाम सरकारी जमीनों पर प्लांट बनाकर बेचने की तैयारी में माफिया लगे हैं सरकारी जमीनों को बेच करके माफिया मालामाल हो रहे हैं इस मामले में तहसील के लेखपाल और ग्राम प्रधानों की भूमिका पर भी बड़े सवाल खड़े हैं सरकारी जमीनों पर कब्जा कर प्लांट बनाकर बेचने के मामले में गांव की समस्या गांव में समाधान के अंतर्गत एक भी मामले का समाधान तहसील के अधिकारियों ने नहीं किया है जिससे तहसील के अधिकारियों के कार्यों पर भी बड़े सवाल खड़े हैं जनपद मुख्यालय के आसपास की बात करें तो नगर पालिका परिषद मंझनपुर क्षेत्र के साथ-साथ ग्राम सभा कोर्राे भाडेसर पाता बबुरा भेलखा मंगरोहनी समदा ओसा कादीपुर रामपुर माडूकी पतौना गांव की सरकारी जमीन पर अवैध प्लाटिंग का तमाम मामला सामने आने के बाद भी कार्यवाही नहीं हुई केवल ड्रामें तक जिम्मेदार सीमित रह गए हैं जिससे सरकारी जमीन सुरक्षित नहीं है उद्योग विभाग को आवंटित माचिस फैक्ट्री मंझनपुर की जमीन कोतवाली मंझनपुर के सामने की कई सरकारी जमीन मंझनपुर चौराहे के आसपास की कई जमीन पर खुलेआम कब्जे हो चुके हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है फर्जी तरीके से गलत लोगों को पट्टा देकर के सरकारी जमीनों को भूमिधारी घोषित कर माफियाओं को सरकारी जमीन कब्जा करने के मामले में भी सरकारी नुमाइंदों की भूमिका पर सवाल खड़े हैं

ग्रामीणों का आरोप है कि रामपुर माडूकी की राजस्व गाटा संख्या 459 की जमीन पर ग्राम प्रधान और लेखपाल की मिलीभगत से बिना अनुमति के प्लाट काटे जा रहे हैं।ग्रामीणों के अनुसार गाटा संख्या 459 ग्राम सभा की जमीन के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। पिछले कुछ हफ्तों से यहां जेसीबी से जमीन समतल कराई जा रही है और प्लाटों की नपाई हो रही है।ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से को अवगत कराया कि इस प्लाटिंग के लिए न तो भू-उपयोग परिवर्तन हुआ है और न ही नक्शा पास कराया गया है। आरोप है कि प्रधान और लेखपाल मिलकर रिकॉर्ड में हेराफेरी कर रहे हैं,ताकि अवैध बिक्री को वैध दिखाया जा सके।ग्रामसभा की जमीन को बेचा जा रहा है। ग्रामीणों ने कई बार मना किया लेकिन दबंगई के चलते काम नहीं रुक रहा। इस जमीन पर पहले चरागाह और रास्ते के लिए जगह आरक्षित थी। इतना ही नहीं जनपद मुख्यालय मंझनपुर नगर पालिका क्षेत्र की तमाम कीमती सरकारी जमीनों पर कब्जे हो चुके हैं पक्के मकान बन चुके हैं जांच के नाम पर तहसील के अधिकारी और कर्मचारी केवल नाटक करके शासन प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं

*सुशील केसरवानी वरिष्ठ

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