Spread the love*बिग ब्रेकिंग न्यूज* झमाझम बारिश से खेतों में पानी भर जाने के बाद शुरू हुई धान की रोपाई, किसानों में खुशी की लहर जिला संवाददाता प्रयागराज बालेंद्र कुमार बलराम प्रयागराज यमुनानगर अंतर्गत बारा क्षेत्र में सोमवार दोपहर लगभग दो घंटे तक तथा मंगलवार को भी हुई लगातार झमाझम बारिश से किसानों के लिए राहत और खुशियां लेकर आई। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को आखिरकार मौसम का साथ मिला। बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त मात्रा में पानी भर गया, जिससे धान की नर्सरी तैयार करने और बीज की बुवाई का कार्य तेज हो गया है। क्षेत्र के कई गांवों में किसान परिवार पूरे उत्साह के साथ खेतों में उतरकर धान का बीज छिड़कने और नर्सरी लगाने में जुट गए।किसान बोले कि धान की खेती के लिए शुरुआती दौर में पर्याप्त पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। सोमवार को हुई बारिश ने इस आवश्यकता को काफी हद तक पूरा कर दिया है। खेतों में पानी जमा होने से नर्सरी तैयार करने के लिए अनुकूल वातावरण बन गया है, जिससे फसल की अच्छी शुरुआत होने की उम्मीद बढ़ गई है।स्थानीय किसानों ने बताया कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह समय-समय पर बारिश होती रही तो धान की नर्सरी की बुवाई का कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो जाएगा। साथ ही सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचेगा, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी। किसानों का मानना है कि प्राकृतिक वर्षा का पानी फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता, क्योंकि इससे मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है,और पौधों का विकास भी बेहतर होता है।बारिश के दौरान मौसम भी काफी सुहावना हो गया। तेज गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, वहीं खेतों में काम कर रहे किसानों ने भी मौसम का भरपूर लाभ उठाया। कई स्थानों पर बच्चों और ग्रामीणों को बारिश का आनंद लेते हुए भी देखा गया।कृषि विशेषज्ञ संजय वर्मा-बोले समय पर होने वाली बारिश धान की खेती के लिए बेहद लाभदायक होती है। इससे न केवल नर्सरी की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि आगे चलकर फसल की पैदावार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में जलभराव अत्यधिक न होने दें,और मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि कार्य करें। Post Views: 25 Post navigation बारा ने सम्बंधित थाना में पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज कराने के संकेत मिले संगम नगरी को जाम से मिलेगी बड़ी राहत, छह नए फ्लाईओवरों पर लगी मुहर