Spread the loveमहेवाघाट से लापता दो छात्राएं हुई बरामद स्वयं गयी थी बालिकाएं वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित *एसपी के सख्त निर्देश पर महेवाघाट पुलिस को मिली बड़ी सफलता: हरभजन बाबा मंदिर के पास मिली थी साइकिल-ड्रेस, अब कोर्ट में होगा गोपनीय बयान* *कौशाम्बी* महेवाघाट थाना क्षेत्र मे शुक्रवार को स्कूल के लिए निकली दो छात्राओं के लापता होने के मामले में पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश पर महेवाघाट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों बालिकाओं को बरामद कर लिया है। सम्भावना है कि इन छात्राओं ने अपने मोबाइल से दिल्ली की ट्रेन सर्च किया था वही बरामद के लिए के लिए पुलिस को मददगार साबित हुआ होगा जानकारी के मुताबिक दोनों छात्राएं स्कूल के लिए निकली थीं, लेकिन हरभजन बाबा मंदिर के पास अपनी साइकिल किताब कॉपी बस्ता और स्कूल की ड्रेस छोड़कर लापता हो गई थीं परिजनों की तहरीर पर थाना महेवाघाट में अभियोग पंजीकृत किया गया था और एसपी के निर्देश पर दो विशेष टीमें गठित कर तलाश शुरू की गई थी। पुलिस की टीम ने दोनों बालिकाओं को बरामद कर लिया है *वन स्टॉप सेंटर में बालिकाएं सुरक्षित अब अदालत में होगा गोपनीय बयान* *कौशाम्बी* पुलिस ने दोनों बालिकाओं को बरामद करने के बाद नियमानुसार वन स्टॉप सेंटर में रखा है। पुलिस के अनुसार दोनों बालिकाएं अपने से गई थीं और उन्हें सकुशल बरामद कर लिया गया है। अब उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, जहां माननीय न्यायाधीश के समक्ष उनका गोपनीय बयान (धारा 183 BNSS के तहत) दर्ज होगा। बयान के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और आगे की विधिक कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। *पुलिस की जांच में कई कड़ियां आई सामने* *कौशाम्बी* पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क और पुराने संपर्कों को लेकर भी जानकारी मिली है, जिसके आधार पर संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।इस पूरे प्रकरण में कौन कितना दोषी है, इसका निर्धारण जांच और न्यायालय में दर्ज होने वाले गोपनीय बयान के बाद ही हो सकेगा। महेवाघाट पुलिस विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। फिलहाल सबकी नजर अदालत में होने वाले बयान पर टिकी है। *मदन कुमार केशरवानी Post Views: 15 Post navigation लखपति दीदी बनेंगी प्रदेश की पहचान, 3 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का लक्ष्य मेडिकल कॉलेज सहित सरकारी अस्पतालों से घायलों को रेफर किए जाने के आंकड़ों की समीक्षा किए जाने की जरूरत