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पन्ना जिला का आये दिन शिक्षा विभाग सुर्खियों मे बना रहता है! विगत दो दिन पूर्व डीपीसी ने परीक्षाओं को ध्यान मे रखते हुए छात्र छात्राओ से आवाहन करते हुए शत प्रतिशत उपस्थिति की बात कही थी साथ ही माता पिता भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने मे सहयोग करे ताकि परीक्षाओं की तैयारी मे बाधा उत्पन्न न हो! लेकिन डीपीसी अजय गुप्ता द्वारा कही गई बात का असर छात्रों मे दिखाई दिया लेकिन शिक्षकों मे नही, क्योकि जब पन्ना पहाड़ीखेरा मुख्य मार्ग मे स्थित विद्यालयों के शिक्षक 10:30 के बाद विद्यालय मे पहुँचते है लेकिन छात्र इंतजार मे रहते है! जो शिक्षा के पतन का संकेत करती नजर आती है! ऐसे एक दो विद्यालय नही आधा दर्जन से अधिक स्कूल है! उदाहरण के तौर पर  इटवा खास का प्राथमिक शाला गोडन टोला विद्यालय जहाँ छोटे छोटे बच्चे मुख्य गेट को लांघकर विद्यालय के दिखाई दिये! उड़की विद्यालय मे पदस्थ दो शिक्षकाओ मे एक अथिति शिक्षका उपस्थित मिली, जबकि छोटे छोटे बच्चों द्वारा अपनी कक्षा एवम बर्तन की सफाई कर ली गई थी! आखिर जब से ओनलाइन आटेंडेंस प्रारंभ हुई तब से शिक्षक 11:30 बजे तक पहुँचने का प्रयास करते है क्योकि उपस्थिति का अंतिम समय होता है! आखिर अगर व्यवस्था ऐसी ही चलेगी तो कैसे शिक्षा छात्रों का पहुँच पायेगी! प्रश्न खड़ा होता है! “जब मामले को लेकर शिक्षा विभाग के डीपीसी अजय गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बोला हम दिखवाते है उन स्कूलों को! 

2- उडनदस्ता दल गठित है बोर्ड परीक्षाओ हेतु ताकि नकल पर रोक लगाई जा सके! लेकिन व्यवस्था फेल हो जाती है जब शिक्षक स्वयम नकल करवाने के लिये आगे आते है!तब केंद्राअध्यक्ष अपनी आँखे बंद कर मूक दर्शक बन जाते है! कलेक्टर प्रतिनिधि कलेक्टर को क्या रिपोर्ट सोपते है! यह वही जानते होंगे! कथन:- “अगर शिक्षक किसी छात्र के माता पिता से बदला लेना चाहते है तो उसके बच्चे को नकल करवा दो”

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