प्राथमिक सहकारी समिति जर्धोबा ( लक्ष्मीपुर) की कार्यप्रणाली से किसान अनूप दीक्षित परेशान! पन्ना जिले से एक धान खरीदी केंद्र का मामला सामने आया है! जहाँ पर किसान अनूप दीक्षित ने अपनी धान जमा करने हेतु स्लाट बुक किया जिसकी तिथी 31 दिसम्बर से 9 जनवरी तक दी गई! निश्चित दिनाँक के अंदर किसान ने अपनी 1024 बोरी धान जमा कर दी! किसान ने जब रसीद मांगी तो प्रबंधक द्वारा बोला गया की अभी भीड़ है देते है आपको किसान इंतजार करता रहा! फिर जब समय शाम का होगया तो प्रबंधक से फिर किसान ने बोला हमारी रसीद दो तो प्रबंधक ने बोला सर्वर डाउन है इसलिए रसीद नही निकल पा रही है! जिसका बाकायदे प्रमाणपत्र दिया! फिर 10 दिन तक इंतजार किया जाता और संबंधित विभाग को आवेदन देकर अपनी समस्या बताई जाती है! तब विभाग द्वारा बोला जाता है कि भोपाल को पत्र लिख दिया अनुमति मिलते ही आपकी रसीद मिल जायेगी! लेकिन आज दिनाँक तक अनुमति नही मिलती है! अब समिति प्रबंधक द्वारा विभाग को लेटर जारी कर 917 बोरी उढाने की बात कही जा रही है जबकि किसान की 1024 बोरी धान थी! सूत्रो की माने तो 917 बोरी धान मौके मे नही थी ! समिति प्रबंधक ने खराब धान मंगवाकर धान की पूर्ति की जा रही है! जिसके सबूत लगे सीसीटीवी कैमरे बनेंगे! अब किसान को जेएसओ द्वारा बोला जा रहा कि अपनी धान उठवा लो! अब कोई किसान कचड़ा लेकर कैसे घर आये! जबकि लेते वक्त ग्रेडिंग की जा रही थी! अब कोई संबंधित विभाग का अधिकारी यह देखने को तैयार नही की धान दी जा रही है किसान को या कचड़ा, अधिकारियों को विधिवत साफ धान अपनी उपस्थिति मे किसान को 1024 बोरी धान सुपुर्द करवाना चाहिये या समिति स्वयम क्रय करना चाहिये! समस्त मामले को लेकर जब jso पन्ना से बात करनी चाही गई तो उनके द्वारा फोन नही उठाया गया! जेएसओ किसानो को गुमराह करने और दवाव बनाने मे बहुत माहिर जान पड़ते है समस्त नियम किसानो को बता देते है जैसे की संपूर्ण जिम्मेदारी किसान की ही है! सहकारी समिति और अधिकारी मूक दर्शक हो! आखिर किसान को कब न्याय मिलेगा! और कब जेएसओ निष्पक्ष जाँच अधिकारी बनकर जाँच करेगे!