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*गरीबी का दंश झेल रही महिला को तमाम फरियाद के बाद भी नहीं मिल सका पीएम आवास*

*कौशाम्बी* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा किया था कि वर्ष 2024 तक प्रत्येक गरीब परिवार को आवास योजना से संतृप्त कर दिया जाएगा लेकिन प्रधानमंत्री की यह बात सच साबित होती नहीं दिख रही है गांव में तमाम गरीब परिवार अभी भी आवास पाने के लिए अधिकारियों का चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री आवास नहीं मिल रहा है जिले स्तर के अधिकारी अधीनस्थों को जांच का जिम्मा सौंप देते हैं और अधीनस्थ अधिकारी मनमानी पर उतारू है तहसील समाधान दिवस में दिए शिकायती प्रार्थना पत्र का गुणवत्तापूर्ण समय से नेवादा विकासखंड के अधिकारी निस्तारण नहीं करते हैं मनमानी तरीके से शिकायती पत्रों का निस्तारण कर रिपोर्ट लगा दी जाती है जिससे गरीब कमजोर मजलूम निर्धन लोगों को न्याय नहीं मिल पाता है ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं होता है समस्याओं का समाधान समय से न होने से ग्रामीणों के बीच परेशानी बढ़ रही है जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है

प्रधानमंत्री आवास की उम्मीद में नेवादा ब्लाक के ग्राम पचांयत पनारा गोपालपुर धनांजी गाँव की रीना देवी पत्नी देवनाथ व्हाट्सएप से अधिकारियों का चक्कर काट रही है यह महिला बेहद गरीब परीवार से है महिला के पाँच बच्चे है और रहने के लिए मात्र 10 फिट गुणे 20 फिट का एक कच्चा झोपड़ी नुमा मकान है जिसमे वह बच्चों के साथ अपना गुजर बसर कर रही है देवनाथ और पत्नी रीना देवी ने प्राधान मंत्री अवास के लिए खंड विकास अधिकारी नेवादा से लेकर चायल सपूर्ण समाधान दिवस तक में शिकायती पत्र देकर अधिकारियों के आगें हाथ जोडे लेकिन अवास तो दूर की बात कोई अधिकारी मामले की जाँच करने तक नही गया तब रीना देबी ने जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाया है अब देखना है कि नेवादा के खंड विकास अधिकारी जिलाधिकारी के अदेशो को मानकर जाँच कराकर गरीब महिला को अवास दिलाते है या फिर चायल तहसील दिवस के प्रार्थना पत्र की तरह इस बार भी खंड विकास अधिकारी नेवादा किनारा करते हुए लभार्थी को एक बार फिर से मयूस होने पर मजबूर कर देंगे जिससे महिला अवास पाने की आस छोड देगी प्रधानमंत्री आवास वितरण में जमकर मनमानी हुई है और प्रधानमंत्री आवास की उच्च स्तर से जांच हुई तो तमाम अधिकारियों कर्मचारियों के कारनामों का खुलासा होगा

*रामबाबू केशरवानी पत्रका

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