मध्य प्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा आयोजित स्कूली बच्चों के लिए शैक्षणिक एवं जन-जागरूकता योजना “अनुभूति” के अंतर्गत 30 जनवरी 2026 को उत्तर वन मंडल पन्ना में एक दिवसीय अनुभूति कैंप का सफल आयोजन किया गया। यह कैंप देवेंद्र नगर परिक्षेत्र अंतर्गत बृहस्पति कुंड पहाड़ीखेड़ा, देवेंद्र नगर (पन्ना) में आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति, वन एवं जैव विविधता से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना रहा।इस अनुभूति कैंप में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहाड़ीखेड़ा के कक्षा 8वीं 9वीं 10वीं 11वी एवं 12 वी के कुल 126 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों के साथ उनके शिक्षक, वन विभाग का अमला एवं प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन प्रकृति भ्रमण (नेचर ट्रेल) से हुई, जिसमें बच्चों को जंगल की संरचना, पेड़-पौधों, वन्य जीवों एवं उनके पारिस्थितिक महत्व की जानकारी दी गई। ट्रेल में विभिन्न प्रकार के पेड़ो एवं औषधीय पौधे दिखाए गए एवं पहचान करना सिखाया गया ।कैंप के दौरान पक्षी अवलोकन (बर्ड वॉचिंग) गतिविधि विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न स्थानीय पक्षी प्रजातियों को नजदीक से देखा और उनके व्यवहार को समझा। इसके अतिरिक्त पर्यावरण एवं वन्य जीवन पर आधारित प्रश्नोत्तरी (क्विज), मनोरंजक खेल, तथा समूह गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिसमें स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पौधा और पुरस्कार दिया गया जिससे बच्चों में सीखने के साथ-साथ उत्साह और सहभागिता बनी रही। विद्यार्थियों के लिए नाश्ता एवं दोपहर भोज की भी समुचित व्यवस्था की गई।कार्यक्रम में, सेवानिवृत्त एसडीओ रविंद्र सिंह कुशवाह, जन प्रतिनिधि में जिला पंचायत सदस्य एवं वन समिति जिला अध्यक्ष कुमारी प्रभा गौड़, दिया सरपंच राम शिरोमणि मिश्रा , पहाड़ीखेड़ा सरपंच रामशिरोमणि सिंह एवं समाज सेवी इंद्रमणि गर्ग ,पत्रकार बंधुओं में सचिन मिश्रा तथा परिक्षेत्र अधिकारी शुभम तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। मास्टर ट्रेनर्स के रूप में भवानी पटेल ने बच्चों को सरल एवं रोचक ढंग से पर्यावरण संरक्षण, वन संरक्षण और जैव विविधता के महत्व को समझाया।अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि अनुभूति योजना का उद्देश्य भावी पीढ़ी में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता एवं संरक्षण की भावना विकसित करना है। विद्यार्थियों ने भी इस शिविर को ज्ञानवर्धक एवं यादगार अनुभव बताया।बच्चों को त्रिवेणी एवं पंचवटी अंतर्गत लगने वाले पौधे प्रदाय किए गए अंत में सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।