जी. एच. रायसोनी विश्वविद्यालय में इंडिया–इज़राइल जल संगोष्ठी एवं हैकाथॉन में डॉ नंदिता पाठक गेस्ट ऑफ़ ऑनर रही ।
जी. एच. रायसोनी विश्वविद्यालय, साइखेड़ा में दो दिवसीय इंडिया–इज़राइल संगोष्ठी एवं हैकाथॉन “द सर्कुलर इकॉनॉमी वाटर चैलेंज” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रायसोनी एजुकेशन द्वारा विज्ञान भारती (VIBHA) के सहयोग से तथा इज़राइल कांसुलेट, मुंबई के संयुक्त समर्थन से आयोजित हुआ।कार्यक्रम में जल सुरक्षा, सर्कुलर इकॉनॉमी, जल पुन:उपयोग और नवाचार आधारित समाधानों पर गहन मंथन हुआ। पहले दिन राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन में देशभर के छात्रों ने जल प्रदूषण, पेयजल, भूजल प्रबंधन, स्मार्ट जल अवसंरचना और कृषि जल दक्षता से जुड़े समाधान प्रस्तुत किए।दूसरे दिन India@2047 के लिए जल सुरक्षा विषय पर नीति एवं विशेषज्ञ संवाद आयोजित हुआ, जिसमें आईआईटी, सीएसआईआर-नीरी, इज़राइल दूतावास और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए।समापन सत्र में सुनील रायसोनी, अध्यक्ष, रायसोनी एजुकेशन, सुश्री नोआ एम्सालेम, जल अटैची, इज़राइल दूतावास तथा डॉ. नंदिता पाठक, सामाजिक नेत्री एवं नीति योगदानकर्ता बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष विशेष अतिथि रहे ।विजेता छात्र टीमों को नवाचार एवं सामाजिक प्रभाव के लिए सम्मानित किया गया।कार्यशाला के समापन के अवसर पर डॉ पाठक ने कहा कि हैकथोन साधारण प्रतियोगिता नहीं होती यह विचारों का संगम है , समस्या, सोच, समाधान, नवाचार का संगम है , उन्होंने पानी की बचत , गंदे पानी का पुनः उपयोग, स्मार्ट सिंचाई, जल प्रदूषण को रोकना अन्य विषयों पर अपनी बात रखी , डॉ पाठक ने कहा कि प्रकृति भी सर्कुलर इकॉनमी पर चलती है फिर हम क्यों यूज़ एंड थ्रो की भाषा बोले , उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी कहते है कि पानी का विषय जन आंदोलन बने आप सब पानी के रक्षक बनिए कहते हुए सभी आयोजकों का आभार व्यक्त किया ।यह आयोजन जल सततता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और युवा नवाचार के माध्यम से भारत की दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।मुख्य वक्ताओं में प्रो. विनोद तारे ( आई आई टी कानपुर)• मधुकर स्वयंभू, TEDx स्पीकर एवं जल शक्ति मंत्रालय के “वॉटर हीरो”,• प्रो. राजीव अग्रवाल, आईआईएम नागपुर के एडजंक्ट फैकल्टी एवं पूर्व वैश्विक कॉर्पोरेट लीडर, हैकाथॉन प्रस्तुतियों का मूल्यांकन एक विशिष्ट जूरी द्वारा किया गया, जिसमें इज़राइल दूतावास की जल अटैची सुश्री नोआ एम्सालेम, नीरज गहलावत,डॉ. हृतिक बिस्वास, चंद्रशेखर,सुश्री रुशा मित्रा, नरेश चाफेकर,डॉ. रम्शा करमपुरी सहित कई विशेषज्ञ शामिल रहे ।समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में- सुनील रायसोनी, अध्यक्ष, रायसोनी एजुकेशन,सुश्री नोआ एम्सालेम, जल अटैची, इज़राइल दूतावास तथाडॉ. नंदिता पाठक, प्रख्यात सामाजिक उद्यमी एवं नीति योगदानकर्ता विशेष अतिथि के रूप में रहे ।यह संगोष्ठी कुलपति डॉ. मीना राजेश के नेतृत्व में जी. एच. रायसोनी विश्वविद्यालय की वैश्विक सहयोग, अनुप्रयुक्त शोध और छात्र-केंद्रित नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।